गुजरात के भरुच में चांदपुर निवासी सचिन की टुकडो में जघन्य हत्या का मामला
नूरपुर: - गुजरात के भरूच में सचिन चौहान की जघन्य हत्या का मामला अभी सुलझता नजर नही आ रहा है। वहां की पुलिस सचिन के शरीर के पूरे हिस्से बरामद नही कर सकी। सचिन के पैर अभी भी गायब बताए जाते है। जिन्हे बरामद करने की कार्यवाही में पुलिस सरगर्मी से जुटी है।
गौरतलब है कि चांदपुर के हरपुर निवासी सचिन (35 वर्ष) पुत्र परवीन चौहान की गुजरात के भरुच में जघन्य ढंग से हत्या होने का खुलासा 29 मार्च की शाम को भोलाव जीआईडीसी के पास एक नाले से उसके सिर व हाथ के अंग मिलने से हुआ था। भरुच में मौजूद मृतक भाई मोहित ने बिजनौर प्रतिनिधि को दूरभाष पर बताया कि मंगलवार को पुलिस ने पांचवां हिस्सा छाती और पेट बरामद किया है। सचिन के पैर अभी भी गायब हैं। मोहित के अनुसार वह अपनी भाभी पारुल द्वारा 24 मार्च से सचिन से मोबाइल पर सम्पर्क न होने की जानकारी मिलने पर भाई के साले रितिक राजपूत को साथ लेकर भरुच पहुंचा। वहां मोहित ने भरूच सी डिवीजन पुलिस थाने में भाई सचिन की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस कार्यवाही के दौरान नाले में मिले सिर के हिस्से के अत्यधिक विक्षिप्त होने से पहचान नही हुई।
दांत में लगे कैप और दाहिने हाथ पर गुदे नाम से शव की शिनाख्त मोहित द्वारा की गई। मोहित चौहान की शिकायत के बाद सचिन के करीबी दोस्त शैलेंद्र सिंह चौहान पुत्र विजयपाल सिंह निवासी गांव जोगीपुरा थाना नूरपुर बिजनौर पर हत्या का मामला दर्ज किया है। मंगलवार को भरुच की क्राईम टीम आरोपी शैलेंद्र उर्फ शालू को उसके गांव से गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा चुकी है। बुधवार को मोहित ने बताया कि भरुच पुलिस गिरफ्तार शैलेंद्र को प्राईम संदिग्ध मानकर पूछताछ में जुटी है।
पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरो,शैलेन्द्र और सचिन के बीच वित्तीय विवादों के साथ ही 24 मार्च से आखरी बार अपने कमरे में देखे जाने के बाद की कॉल डिटेल रिकॉर्ड,सचिन के फोन से पत्नी,भाई व साले को व्हाट्सएप मैसेज भेजने उनकी काल रिसीव न करने आदि बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि सचिन का फोन कौन इस्तेमाल कर रहा था। चूंकि सचिन के फोन से पत्नी और भाई के फोन का जवाब नहीं दिया,लेकिन संदेशों के माध्यम से संवाद जारी रखा, इसलिए संदेह है कि कोई और उसका फोन इस्तेमाल कर रहा था।
फोन से "विभिन्न सिद्धांतों वाले संदेश,जैसे 'उसने किसी की हत्या की' और 'वह अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता है,वह किसी ओर लडकी से प्यार करता है,वह अपने दोस्त स्मित पाटिल के साथ बैंगलुरू जा रहा है आदि संवाद जारी रखा। लेकिन उनके मैसेज व काल का जवाब नही दिया।
इससे पता चलता है कि आरोपी ने सचिन फोन का उपयोग करके अपने परिवार को गुमराह करने की कोशिश की होगी। सचिन के फोन के इस्तेमाल करने का गिरफ्तार शैलेंद्र से पूछताछ के बाद ही होगा।
मोहित ने बताया कि उसका भाई विज्ञान स्नातक था। पिछले 10 वर्षों में भरूच में विभिन्न कंपनियों में काम किया था। वह आखिरी बार फर्मंटा कंपनी के उत्पादन विभाग में कार्यरत था। वर्ष 2020 में पारुल से शादी हुई थी। जिससे चार साल का बेटा शिवांश है।
बिजनौर टुडे संवाददाता