साइलेंट किलर है बच्चों का बैली फैट डॉ अर्चिता महाजन

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Bijnor Today
Post Date:10 Dec 2024

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कमर से कूल्हे के अनुपात पुरुषों के लिए यह अनुपात 0.9 से अधिक और महिलाओं के लिए, यह 0.85 से अधिक न हो
 
Bijnor Today: - डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्मा ने बताया कि पेट की चर्बी बढ़ने से हृदय रोगों का खतरा रहता है। इसके कारण रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा हो सकती है, जिससे हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है।स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है कुछ तरह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है डिप्रेशन हो सकता है जोड़ों में दर्द हो सकता है लिवर की समस्या हो सकती है हाई कॉलेस्ट्रॉल हो सकता है मस्तिष्क के लिए हानिकारक हो सकता है।
 
इसके अलावा जिन लोगों का बेली फैट अधिक होता है उनमें इंसुलिन रेसिस्टेंस की समस्या भी अधिक देखी जाती है जिससे शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रित नहीं हो पाता और टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।पेट की चर्बी को विसरल फैट भी कहा जाता है. यह लिवर, हृदय, किडनी, और आंतों के आस-पास जमा होती है. त्वचा के नीचे की चर्बी के मुकाबले विसरल फैट चयापचय रूप से ज़्यादा सक्रिय होता है और इससे स्वास्थ्य को ज़्यादा नुकसान होता है.रोज़ाना ढेर सारी सब्ज़ियां और फल खाएं. नाश्ते में लो फ़ैट दही, छाछ, इडली जैसी चीज़ें खाएं। नाश्ते में बच्चों को मीठा  ना दे।कार्ब्स, प्रोसेस्ड और मीठे फूड का सेवन कम करें।डाइट में लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल करें।
 
कैफीन से बिल्कुल दूर रहें।7-9 घंटे की नींद जरूर लें, खासतौर से रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक।दिनभर में 9 गिलास पानी पीना असल में बेली फैट घटाने में तेजी से काम कर सकता है। दरअसल, 8 गिलास पानी शरीर की जरूरत है तो एक गिलास पानी एक्ट्रा पीना आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद कर सकता है