सरोजनीनगर लखनऊ :- सरोजनीनगर के मोहम्मद पुर भक्ती खेड़ा वासी किसानों के भारी विरोध के बाद एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा शनिवार को आखिरकार एयरपोर्ट बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य रोकना ही पड़ गया। हालाकि इसको लेकर जहां विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान अपने बच्चों व महिलाओं के साथ देरशाम तक मौके पर डटे रहे। वहीं एयरपोर्ट प्रशासन भी भारी पुलिस फोर्स के साथ वहां बैठकर देर शाम तक किसानों के हटने का इंतजार करता रहा। बताते चलें कि एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा पिछले 4 दिनों से यहां रहीमाबाद और मोहम्मदपुर भक्ती खेड़ा गांव के पास पड़ी जमीन को अपनी बता कर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य करने में जुटा है।
वहीं इसके विरोध में रहीमाबाद और भक्ती खेड़ा गांव के लोग बराबर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। रहीमाबाद वासी जहां जमीन को अपनी पुस्तैनी बता कर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वहीं भक्ती खेड़ा के किसान भी एयरपोर्ट अधिग्रहण में जा रही खेतिहर जमीन के मुआवजे के अलावा गांव को अलग कहीं विस्थापित करने के लिए घरों का मुआवजा और उसके लिए जमीन की मांग पर अड़े हैं। जबकि एयरपोर्ट प्रशासन जमीन को अपनी बताकर आला अधिकारियों और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हर हाल में बाउंड्री वॉल का निर्माण कराने पर अड़ा है। बताते हैं कि पिछले तीन दिनों से लगातार धरना दे रहे भक्ती खेड़ा वासी शनिवार को वहीं पर बच्चों महिलाओं के साथ बैठकर धरना दे रहे थे, जहां से बाउंड्री वॉल का निर्माण होना है। लेकिन अपराह्न करीब 2 बजे बांउन्ड्रीवाल निर्माण का कार्य भक्ती खेड़ा की सीमा में पहुंचा तो धरना दे रहे लोग उक्त कार्य में आड़े आ गए।
जिसकी वजह से एयरपोर्ट प्रशासन को अपना काम बंद करना पड़ा। हालाकि इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन बड़ी चालाकी दिखाते हुए करीब 100 मीटर जगह छोड़ अपनी मशीनें व सामग्री आगे ले गया और वहां काम शुरू करने की कोशिश की। मगर धरना दे रहे लोग वहां भी पहुंच कर आगे बैठ गए। जिसकी वजह से वहां भी काम नहीं शुरू हो सका। इस दौरान सरोजनीनगर एसडीम और एसीपी कृष्णा नगर पीएसी व तीन थानों की भारी पुलिस फोर्स लेकर मौके पर जरूर मौजूद रहे, लेकिन वह ग्रामीणों के सामने कुछ ना कर सके। जबकि सभी किसान महिलाओं व बच्चों के साथ शांतिपूर्वक धरना देते रहे, लेकिन किसी आला अधिकारी ने ना तो उन्हें हटाने की कोशिश की और ना ही उनसे कोई वार्ता करने की जहमत उठाई।
फिलहाल खबर लिखे जाने तक सभी किसान महिलाओं और बच्चों के साथ वहीं पर डटे थे। जबकि एयरपोर्ट प्रशासन भी पुलिस फोर्स और मजदूरों के साथ वहीं पर जमा था।
सूत्रों का कहना है कि एयरपोर्ट प्रशासन इसलिए काम बंद करके वहीं पर जमा है कि जैसे ही धरना दे रहे लोग रात होते यहां से हटें तो बाउंड्री वालों का निर्माण शुरू कर दिया जाए। सूत्रों ने बताया की एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी योजना बना रखी है कि अगर रात में ग्रामीण यहां से नहीं हटते तो उनको जबरन खदेड़ने के साथ ही उनके नेताओं को उठा लिया जाए। इसके बाद आराम से रात भर में निर्माण कार्य कर दिया जाए। वहीं किसानों का कहना है कि वह पिछले तीन दिनों से दिन रात वहीं पर बैठकर धरना दे रहे हैं और आज रात भी वह वहीं डटे रहेंगे।
बिजनौर टुडे संवाददाता इदरीश खान